सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ अग्रवाल वैश्य समाज जिला महेन्द्रगढ़ का संगठन संवाद कार्यक्रम

संगठित समाज ही शक्ति की असली पहचान : अशोक बुवानीवाला
दक्ष दर्पण समाचार सेवा
अटेली, 14 दिसंबर। जब समाज संगठित होता है, तो वह न केवल अपनी पहचान को सुरक्षित करता है, बल्कि अपने हितों की रक्षा भी करता है। अग्रवाल वैश्य समाज की यह संगठनात्मक यात्रा इस बात का प्रमाण है कि संगठित समाज ही वास्तव में शक्ति की पहचान है। ये उद्गार अग्रवाल वैश्य समाज के प्रदेश अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला ने स्थानीय ताजपुरिया धर्मशाला में आयोजित महेन्द्रगढ़ जिले के संगठन संवाद कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि बोलते हुए कहे।
जिला अध्यक्ष संदीप नूनीवाला की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में जिलेभर से समाज के पदाधिकारी, सदस्यगण, जनप्रतिनिधि, युवा एवं महिला इकाई के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरूआत महाराजा अग्रसेन के चित्र के समक्ष पुष्पांजली अर्पित कर की गई। तत्पश्चात प्रदेशाध्यक्ष अशोक बुवानीवाला ने कहा कि संगठन किसी भी समाज, समुदाय या राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत होता है। संगठित समाज ही अपनी पहचान को सुरक्षित रखता है और समय के साथ उसे और मजबूत बनाता है। जब लोग एक साझा विचार, उद्देश्य और लक्ष्य के साथ एक मंच पर एकत्र होते हैं, तभी संगठन जन्म लेता है। यही संगठन समाज को दिशा देता है, संघर्षों में संबल बनाता है और उपलब्धियों को स्थायित्व प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि सभी प्रकोष्ठों में समन्वय स्थापित कर कार्य करने का प्रयास होना चाहिए क्योंकि संगठन की वास्तविक शक्ति तभी सामने आती है, जब समाज के सभी प्रकोष्ठ आपस में समन्वय बनाकर कार्य करें। बुवानीवाला ने कहा कि प्रकोष्ठ अपने नीचे सक्रिय लोगों की टीम बनाए क्योंकि टीम संगठन को जीवंत बनाती है। प्रत्येक प्रकोष्ठ को अपने नीचे 10-15 सक्रिय, समर्पित और जिम्मेदार कार्यकर्ताओं की टीम बनानी चाहिए, जो जमीनी स्तर पर समाज के कार्यों को आगे बढ़ा सकें।
उन्होंने कहा कि आज हमें इस बात पर भी मंथन करना होगा कि संगठन में शक्ति निहित है उसके बावजूद हम क्यों बट जाते है। हमें याद रखना होगा कि छोटे मतभेदों, व्यक्तिगत अहंकार या संवाद की कमी को त्यागकर बंटना नहीं है। हम सभी समाज के हित में संकल्पित होकर कार्य करने के लिए जुड़े हैं। बुवानीवाला ने कहा कि इतिहास साक्षी है कि बिखरा हुआ समाज अपनी समस्याओं से जूझता रहता है, जबकि संगठित समाज हर चुनौती का समाधान खोज लेता है।
संगठन से व्यक्ति को पहचान मिलती है, उसकी आवाज को बल मिलता है और उसकी बात प्रभावी ढंग से शासन व व्यवस्था तक पहुंचती है। संगठन व्यक्ति को अकेलेपन से निकालकर सामूहिक शक्ति का हिस्सा बनाता है और ये बात अग्रवाल वैश्य समाज निरंतर साबित भी करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वह समाज को जोड़ता है परिवार से लेकर गांव, जिला, प्रदेश और राष्ट्र तक। जब हर स्तर पर संगठन मजबूत होता है, तो समाज की नींव स्वत: सुदृढ़ हो जाती है। एक परिवार—एक सदस्य जैसी सोच संगठन की शक्ति का संजीव उदाहरण है, जो समाज को जमीनी स्तर पर एकजुट करती है।
उन्होंने कहा कि 2009 में समाज के संगठित स्वरूप की यात्रा का जो दीप जला, आज वह पूरे प्रदेश में एक प्रकाश-स्तंभ बन चुका है। यह यात्रा केवल वर्षों की संख्या नहीं, बल्कि संघर्ष, परिवर्तन, समाजिक चेतना और संगठित शक्ति की कहानी है।
स्थापना दिवस से लेकर आज तक समाज ने विकास के कई पड़ाव पार किए, कमजोरियों को पहचाना, युवा शक्ति को जोड़ा और मातृशक्ति को मंच दिया। इसी निरंतर यात्रा ने संगठन को आज उस मुकाम पर पहुँचा दिया है, जहाँ आगे बढऩे की दिशा और उद्देश्य स्पष्ट हैं। इसी दिशा को मजबूत आधार प्रदान करने के लिए अग्रवाल वैश्य समाज के पंच संकल्प न केवल संगठन का दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं, बल्कि समाज की महती आवश्यकताओं का रोडमैप भी हैं।
कार्यक्रम की विशिष्ठ अतिथि के तौर पर उपस्थित महिला प्रदेश अध्यक्ष सुशीला सर्राफ ने कहा कि अग्रवाल वैश्य समाज सदैव से प्रगतिशील सोच का प्रतीक रहा है। हमारे समाज की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ महिलाओं को केवल सहभागिता ही नहीं, बल्कि समान अधिकार, सम्मान और नेतृत्व की भूमिका दी जाती है। समाज यह मानता है कि जब तक महिलाएँ समान रूप से आगे नहीं बढ़ेंगी, तब तक समाज की प्रगति अधूरी रहेगी। अग्रवाल वैश्य समाज में महिलाएँ निर्णय प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा हैं। संगठनात्मक ढांचे में महिला शक्ति की सक्रिय भागीदारी, कार्यक्रमों का नेतृत्व, सामाजिक अभियानों की अगुवाई यह सब इस बात का प्रमाण है कि समाज महिलाओं को बराबरी के साथ लेकर चलता है। इस कार्यक्रम मे लाला फकीर चंद अग्रवाल, जितेन्द्र सिगल अटेली, राधेश्याम अग्रवाल, राजेन्द्र माखलीया, रवि गर्ग मन्नू, रचना अग्रवाल, मूनी देवी, सौभाग्य गुप्ता महेन्द्रगढ़, विजय कुमार घड़ीवाला, चिराग अग्रवाल, राजेश अग्रवाल नारनौल, रामदत्त अग्रवाल, सतीश कनीना वाले, नीरज अग्रवाल नांगल चौधरी, रामोतार गरोडिया, सुरेंद्र अग्रवाल बंटी चेयरमैन नगर परिषद महेंद्रगढ़, सीताराम सर्राफ, सतीश दिवान, मनोज बेगमपुर वाले, सुमित अग्रवाल जिला कोषाध्यक्ष, प्रो. नेमीचंद गोयल, राजकुमार चौधरी पूर्व प्रधान नगर परिषद नारनौल, पनमेश्वर अग्रवाल पार्षद अटेली, राधेश्याम उपाध्याक्ष मार्केट कमेटी अटेली, मुकेश जैन, जगमोहन गर्ग सहित अनेक वैश्यजन उपस्थित रहे।



